श्रेया घोषाल का जन्म एक बंगाली परिवार में हुआ. वे राजस्थान, कोटा के पास एक छोटे-से कस्बे रावतभाटा में पली-बढ़ीं. वे एक बहुत ही पढ़े-लिखे परिवार से हैं. उनके पिता भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र इंजीनियर के रूप में भारतीय नाभिकीय ऊर्जा निगम के लिए काम करते हैं, जबकि उनकी मां साहित्य की स्नातकोत्तर छात्रा हैं.
चार साल की उम्र से घोषाल ने हारमोनियम पर अपनी मां के साथ संगत किया. उनके माता-पिता ने उन्हें कोटा में महेशचंद्र शर्मा के पास हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की विधिवत् शिक्षा के लिए भेजा.
बच्ची के रूप में ज़ी टीवी पर सा रे गा मा (अब सा रे गा मा पा) की चिल्ड्रेन स्पेशल एपीसोड की प्रतियोगिता का खिताब उन्होंने जीता। उस समय आज के प्रसिद्ध गायक सोनू निगम ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की थी.कल्याणजी, जो प्रतियोगिता के निर्णायक थे, ने उनके माता-पिता को मुंबई आने के लिए मनाया.| उन्होंने 18 महीनों तक उनसे शिक्षा ली और मुंबई की मुक्त भिडे से शास्त्रीय संगीत की तालीम को जारी रखा.
रावतभाटा के एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल (AECS) और अणुशक्तिनगर (मुंबई) में उन्होंने पढ़ाई की. स्नातक के लिए उन्होंने SIES कॉलेज के कला संकाय में दाखिला लिया
फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली का ध्यान अपनी ओर तब खींचा जब उन्होंने सा रे गा मा पा में दूसरी बार भाग लिया, इस समय वे व्यस्कों के साथ प्रतिस्पर्धा में भाग ले रही थीं. साल 2000 में, उन्होंने अपनी फिल्म देवदास में मुख्य महिला किरदार पारो , जिस किरदार को एश्वर्या राय को निभाना था, की आवाज के लिए मौका देने का प्रस्ताव रखा. फिल्म में श्रेया ने इस्माइल दरबार के संगीत निर्देशन में पांच गाने गाए. दुनिया भर के फिल्मी दर्शकों ने एश्वर्या राय पर फिल्माया गया, घोषाल का गाना सुना, और बहुत ही जल्द वे बॉलीवुड में अल्का याज्ञनिक, सुनिधि चौहान, साधना सरगम और कविता कृष्णमूर्ति के साथ चोटी की पार्श्व गायिक बन गयीं. इस गीत ने उन्हें उस साल का सर्वश्रेष्ठ गायिका का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार दिलाया. साथ ही उभरती प्रतिभाओं के लिए दिया जानेवाला आर. डी. बर्मन पुरस्कार भी उन्हें उसी पुरस्कार समारोह में दिया गया.
देवदास के बाद, ए. आर. रहमान, अनु मल्लिक, हिमेश रेशमिया, मणि शर्मा, एम. एम. किरावनी, नदीम-श्रवण, शंकर-एहसान-लॉयल, प्रीतम, विशाल-शेखर, हंसलेखा,मनो मूर्ति, गुरुकिरण, इल्लया राजा, युवन शंकर राजा और हैरीज जयराज समेत बहुत सारे संगीत निर्देशकों के निर्देशन में बहुत सारी अभिनेत्रियों के लिए गाती रही हैं. उन्होंने उत्तर और दक्षिण फिल्म उद्योगों के लिए बहुत सारे पुरस्कार जीते हैं. भूल-भुलैया के ‘मेरे ढोलना’ गीत के लिए भी उन्हें बहुत वाहवाही मिली.
आज घोषाल उद्योग की एक प्रतिष्ठित गायिका हैं और उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बंगाली, कन्नड, गुजराती, मेइती, मराठी और भोजपुरी समेत विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए हैं. अमूल स्टार वॉयज ऑफ इंडिया छोटे उस्ताद संगीत कार्यक्रम में भी वे निर्णायक के रूप में आयीं. उन्होंने बहुत सारे भारतीय टीवी धारावाहिकों के लिए शीर्षक गीत भी गाया.
घोषाल ने अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली है और वे साहित्य में एम. ए. करने की तैयारी कर रही हैं.|वे पश्चिमी संगीत में सिंफॉनी और इंस्ट्रूलमेंटल का आनंद लेती हैं और उनका पसंदीदा ग्रुप ABBA है. लेकिन भारतीय संगीत निश्चित रूप से उनकी आत्मा है. उनकी आवाज का गठन इस तरह का है कि रूमानी गीत उस पर फबता है और आवाज को वे बखूबी पेश कर सकती हैं (इसकी बहुत ही उम्दा मिसाल जिस्म का "जादू है नशा है" है). देवदास के अलावा, जिस्म, साया, इंतेहां, आउट ऑफ कंट्रोल, खाकी, मुन्नाभाई MBBS, धूम, कुछ कहा आपने, अरमान, देश देवी, मुझे मेरी कमस, LOC कारगिल, एतबार, क्रिश, पुलिस फोर्स, लगे रहो मुन्नाभाई,गुरु, बिग B, सागर एलियाज जैकी रिलोडेड से लेकर हाल की ब्लू, कुर्बान, गजनी, रब ने बना दी जोड़ी, 3 इडियट्स वगैरह के लिए उन्होंने गाने गाए. 2007 में उनके गाए गीतों के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का आइफा (IIFA) 2008 में उनका नाम पांच में से चार नामांकनों में आया. सर्वश्रेष्ठ गायिका का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार 2009 जीता और सिंह इज किंग में प्रीतम का गाना ‘तेरी ओर’ के लिए उन्होंने आइफा (IIFA) 2009 जीता.वे हिंदी फिल्म उद्योगों की अकेली ऐसी गायिका हैं, जिन्हें 25 वर्ष की उम्र में ही तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले. मलयालम में फिल्म "नीलातमारा" का उनका गाया ताजा गाना अनुरागा विलोचन्नई सुपर हिट है.|
म्युजिक का महामुकाबला कार्यक्रम में श्रेया’ज सुपरस्टार टीम के लिए श्रेया घोषाल टीम कप्तान, निर्णायक और परामर्शदाता हैं|
पुरस्कार व मान्यताएं
- 2002: नैशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर - बैरी पिया (देवदास )
- 2006: नैशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर - धीरे जलना (पहेली )
- 2007: नैशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर - ये इश्क है (जब वी मेट )
- 2003: फ़िल्मफ़ेयर आर.डी बर्मन अवॉर्ड फॉर न्यु म्यूजिक टैलेंट
- 2003: फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड (कविता कृष्णमूर्ति के साथ साझा) - डोला रे (देवदास )
- 2004: फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड - जादू है नशा है (जिस्म)
- 2008: फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड - बरसो रे (गुरु)
- 2009: फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड - तेरी ओर (सिंह इस किंग)
- 2007: फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड (तमिल) - मुन्बे वा (सीलुनु ओरु काढाल)
- 2008: फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड (कनाडा) - निंना नोदालेंत्हू - (मुस्सनजेमातु)
- 2003: आइफा (IIFA) बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड (कविता कृष्णमूर्ति के साथ साझा) - डोला रे (देवदास)
- 2004: आइफा (IIFA) बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड - जादू है नशा है (जिस्म)
- 2008: आइफा (IIFA) बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड- बरसो रे (गुरु)
- 2009: आइफा (IIFA) बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड - तेरी ओर (सिंह इस किंग)
- 2003: ज़ी सिने अवॉर्ड बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर (कविता कृष्णमूर्ति के साथ साझा) - डोला रे (देवदास)
- 2006: ज़ी सिने अवॉर्ड बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर - पियु बोले (परिनीता)
- 2008: ज़ी सिने अवॉर्ड बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर बरसो रे (गुरु)
- 2004: स्टार स्क्रीन अवॉर्ड बेस्ट फिमेल प्लेबैक - जादू है नशा है (जिस्म)
- 2006: स्टार स्क्रीन अवॉर्ड बेस्ट फिमेल प्लेबैक - पियु बोले (परिनीता)
- 2008: स्टार स्क्रीन अवॉर्ड बेस्ट फिमेल प्लेबैक - बरसो रे (गुरु)
अन्य अवॉर्ड्स
- 2005: आंध्र प्रदेश स्टेट अवॉर्ड बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर - पिल्लागाली अल्लारी (अथाडू) और नीके नुवु (मोदाती सिनेमा) (तेलगु)
- 2007: तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिमेल प्लेबैक - मुन्बे वा (सिल्लुनु ओरु काढाल) (तामिल)
- 2008: अप्सरा अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर - बरसो रे (गुरु)
- 2009: अप्सरा अवॉर्ड फॉर बेस्ट फिमेल प्लेबैक सिंगर - तेरी ओर (सिंह इस किंग)
- 2008: GPBA - जर्मन पब्लिक बॉलीवुड अवॉर्ड बेस्ट सिंगर (फिमेल) - ये इश्क हाय (जब वी मेट)
- 2008: ज़ी अस्तित्व अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन म्यूजिक
- 2010: अस्परा अवॉर्ड बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर - तुझ में रब दिखता है (रब ने बना दी जोड़ी)