बारिश में क्या है ऐसा कि आ रही है, तो गुदगुदाती रहती है । ना आए तो इंतज़ार और आ के हटी हो तो खुशबू ,यादें और किसी की याद
किसी और मौसम में ये बात कहाँ ?
बारिश होती है जहाँ , मैं खिलता हूँ वहाँ । बारिश होती है जहाँ, मैं मिलता हूँ वहाँ।
बारिश!!!
अच्छा नाम है ना?
यूनीक सा?

बारिश क्या होती है ? ये क्यों होती है ? क्या आपने कभी इसके बारे में सोचा है ? कभी सोचने का मौका मिला ? नहीं ना ?
तो चलिये आज मैं आपको एक ऐसी दुनिया में ले चलता हूँ जहाँ सब कुछ बारिश में भींगा हुआ है ।
बारिश ना हो तो शिकायत और हो तो शिकायत । क्यों? क्योंकि बारिश की ईच्छा सभी की होती है , सभी चाहते हैं कि बारिश हो। जब गर्मी के मौसम में लोगों क जीना मुहाल हो जाता है तथा गर्मी और उमस के कारण लोगों की जिन्दगी निरस और बोझील लगने लगती है , तब हर एक की दिल से एक ही आवाज निकलती है और वो है बारिश । और जब बारिश आती है तो लोगों की जान में जान आती है । सारी गर्मी छुमंतर हो जाती है । और बारिश की शितलता में लोगों की जिन्दगी फिर से जाग उठती है और तरो ताजा हो जाती है ।
ये बात सिर्फ मनुष्य पर ही नहीं , इस धरती के सारे प्राणियों के साथ होती है और यहाँ तक की पेड-पौधों के साथ भी । अगर वास्तव में देखा जाय तो बारिश की सबसे ज्यादा जरुरत पेड -पौधों को ही होती है और बारिश होने पर जितने ज्यादा खुश वो होते हैं शायद ही कोई होता हो ।
ये तो हुई बारिश के फायदे पर कभी कभी ये बारिश लोगों के लिये मुसिबत भी बन जाती है । जैसे बारिश का मौसम आते ही आप अपने फैशन को लेकर परेशान हो जाते हैं। आपको लगता है कि बारिश हुई नहीं कि आपका सारा फैशन खराब हो जाएगा। हालांकि बारिश में भीगने और मस्ती करने के अपने मज़े हैं फिर भी आप बारिश के दिनों में अपनी स्टाइल की कुछ ज्यादा ही फिक्र करने लगते हैं। किसी का कोई जरुरी काम आ गया और तभी बारिश शुरु हो गई तो सोचिये क्या हाल होगा उनका ?
पर फिर भी ये इसके आन्नद के आगे कुछ भी नहीं । बारिश का इंतजार वैसे तो सबको होता है पर सबसे ज्यादा उसे होता है जिसे बारिश और बारिश का मौसम दोनों ही पसंद हो । मुझे भी बारिश बेहद पसंद है बारिश में भीगना फुहारों के साथ मस्ती करना उन फुहारों से खुद को भीगाना पानी में छप छप करना पानी में नाव तैराना । आज बारिश में भीगते हुए कहीं भी जाने में बड़ा मजा आता है बारिश में भुट्टा पकौड़े चने चपटे खाने का अलग ही मजा है । हर मौसम की बात अलग होती है पर बात जहाँ बात बारिश के मौसम की हो वहाँ तो मजा ही मजा है । बारिश में ही ना जाने कितने फूल पत्तियाँ फल कलियाँ उगती होगी वैसे एक बागवान या माली बागवानी के लिए बारिश उत्तम मौसम और कोई नहीं मानता होगा। खेत के किसान खेती के लिए इन्द्र देवता से कितनी प्राथनायें करते होगें हे भगवान बारिश कर दें । उनकी बारिश से ना जाने कितनी उम्मीदें आशाऐं जुड़ी हुई होगीं । वो कहतें है ना आशा से आकाश थमा है ।
बारिश के गानों का भी अलग ही मजा है उन गानों में ना जाने कितनी मधुरता होती है कि वे गाने बारिश में भीगने को मजबूर कर देते है । मुझे भी बारिश के गाने अच्छे लगते है । बारिश से जाने कितनी दुख औए सुख जुड़े होगें कितनो को बारिश पसंद होगी कितनो को नापसंद । कितने ही लोग घर के अंदर बैठकर पकौड़े खाते चाय की चुस्कियों और टीवी कोई मूवी देखते हुए बारिश का लुत्फ उठाते है और कितने बाहर बारिश में भीगतें हुए सैर करते हुए मस्ती करते हुए लुत्फ उठाते होगें । सबके बारिश के मजे अलग अलग है । इस बारिश के मौसम का लुत्फ उठाईयें मजें कीजिये खुद को इस फुहारों से भीगा दीजिये । ऐसे मौसम साल भर देखने को नही मिलते है । बारिश को बच्चा बड़े बुजुर्ग सभी पसंद करते है । बारिश का सबसे ज्यादा मजा तो स्कूल के बच्चों को आता होगा क्योंकि उनके स्कूल शुरु होने पर ही बारिश का मौसम आता है ।
मुझे इस विषय पर लिखते हुये एक कविता याद आई जो मैं यहाँ शेयर कर रहा हूँ जिसे कवि ने बहुत मधुरता और आन्नद के साथ लिखा है -
कैसे करूँ मैं स्वागत तेरा बता ओ बरखा रानी
घर की छत गलती है जब-जब बरसे पानी
बारिश में लगता है मौसम बड़ा सुहाना
बूँद-बूँद ताल बजाए पंछी गाएँ गाना
मैं सोचूँ, कैसे चूल्हे की आग जलानी
ठंडी-ठंडी बौछारें हैं पवन चले घनघोर
बादल गरजे उमड़-घुमड़ नाचे वन में मोर
मन मेरा सोचे, कैसे गिरती दीवार बचानी
इंद्रधनुष की छटा बिखेरी बरसा पानी जम के
पाँवों में नूपुरों को बाँधे बरखा नाची छम से
मैं खोजूँ वो सूखा कोना जहाँ खाट बिछानी
प्रकृति कर रही स्वागत तेरा कर अपना शृंगार
पपीहे ने किया अभिनंदन गा कर मेघ मल्हार
मैं भी करता स्वागत तेरा भर अँखियों में पानी
आ जा ओ बरखा रानी!
आ जा ओ बरखा रानी!
आज के लिये बस इतना ही .....खुशियों से भरा हो आपका बारिश का मौसम और बारिश के हर साथ अपने हर लम्हे को सजाइयें ।