- हीरो हमेशा फर्स्ट क्लास फर्स्ट पास होता है और हमेशा BA करता है। MA तो कभी भी नहीं। आजकल की फिल्मों में थोड़ा परिवर्तन हुआ है अब हीरो MBA करता है।
- अमीर प्रवासी भारतीय लड़के (हीरो) का नाम अधिकतर राज, आर्यन या राहुल होता है।
- भारत के किसी भी जगह के गांव की कहानी हो, वहां की बोली हमेशा पूर्वी उत्तर प्रदेश के गांवों की होती है।
- गांव की गोरी (हीरोईन) हमेशा चोली घाघरा ही पहनती है और उस पर हमेशा ही जमींदार या उसके बेटे की गंदी निगाह होती है।
- गांव में रिटार्यड फौजी होता है जो बात बात में डींगें मारता है।
- कहानी अगर शहर की तो रिटार्यड फौजी न होकर रिटार्यड कर्नल होगा जिसकी घनी मूंछें होती हैं और वो बात बात में गोली मारने की बात करता है तथा बर्मा की लड़ाई (कब हुई थी?) की कहानी सुनाता है।
- अगर फिल्म में दो हीरो हों तो दोनो एक ही लड़की को चाहेंगे, दोनों ही एक दूसरे के लिये अपना प्यार कुर्बान करने को तैयार रहते हैं।
- दो हीरो वाली फिल्मों में, दोनों हीरों में एक बार गलतफहमी तथा लड़ाई अवश्य होगी, यह लड़ाई हमेशा बराबरी पर छूटती है। अगर चाकू का इस्तेमाल इस लड़ाई में हो रहा है तो पहले एक हीरो की आंख या गर्दन तक चाकू जायेगा, फिर दूसरे हीरो की आंख और गर्दन तक।
- हीरो चाहे जो करता हो, वो कार चला सकता है तथा जरुरत पड़ने पर हैलीकॉप्टर तथा हवाई जहाज उड़ा सकता है।
- पुलिस हमेशा फिल्म के अन्त में आती है।
- विलेन पूरी फिल्म में मौज करता है तथा कोई भी बात करते समय या गलत काम करते समय जोर जोर से हंसता रहता है।
- अगर विलेन ऊंचे से या खास तौर पर हैलीकॉप्टर से भागते हुये हीरो पर गोली बरसाता है तो गोलियां हीरो के दोनो ओर लाइन बनाती हई गिरती हैं लेकिन हीरो को एक भी नहीं लगती है, अगर हीरो नीचे हैलीकॉप्टर पर निशाना लगाये तो एकदम निशाना लगता है। ये बात हॉलीवुड की फिल्मों पर भी लागू होती है।
- हिन्दी फिल्मों के विलेन को फाईटिंग नहीं आती है।
- हीरो जब विलेन को मार मार कर बाजी जीत रहा होता है तभी पता नहीं क्यों हीरो की हीरोईन, बहन एवं मां वहां आ जाती हैं जिन्हे विलेन के आदमी पकड़ लेते हैं तथा बाजी पलट जाती है।
- विलेन के नाम डागा, जेके, संग्राम, जगताप, शक्ति, राका, लॉयन होते हैं और उनके नीचे के गुन्डों के नाम शंकर, जग्गू, राबर्ट, माइकल, रघू, राजा इत्यादी होते हैं। विलेन की महिला साथियों के नाम रीटा, मोना, सोनिया तथा मोनिका होते हैं। ये महिलायें मन ही मन हीरो को चाहती हैं तथा जब विलेन हीरो पर गोली चलाता है तब बीच में आकर अपनी जान दे देती हैं।
- दारु का अड्डा हमेशा माइकल का होता है।
- विलेन का साथ देने वाले नेता कार्टून टाईप के होते हैं और हमेशा बिहारी बोलते हैं।
- पुरानी फिल्मों में जज साहब कोई फैसला सुना रहे होते थे तभी अदालत के दरवाजे के पास से कोई जोर से चिल्लाता था "ठहरो! जज साहब..."।
- विलेन की बहन या बेटी हीरो से प्यार करती है और इसको लेकर हीरो और विलेन में तनातनी रहती है।
- अगर विलेन कोई खतरनाक काम के मंसूबे बना रहा होता है या कोई बड़ी प्रयोगशाला टाईप की जगह होती है तो विलेन हीरो को अपने जाल में फंसा हुआ जानकर अपना पूरा प्लान बता देता है, या पूरी प्रयोगशाला घुमाकर सब कुछ बता देता है।
- विलेन हीरो को यह भी बता देता है कि उसके बाप का हत्या उसी ने की थी।
- कॉलेज के प्रोफेसर हमेशा कार्टून टाईप के होते हैं जो कि साथी महिला प्रोफेसरों को पटाने की कोशिश करते रहते हैं।
- कॉलेज का दादा हमेशा कॉलेज के ट्रस्टी का लड़का होता है, जो कि प्रिंसीपल को हमेशा धमकाता रहता है।
- देवर हमेशा भाभी का लाड़ला होता है तथा अपना प्रेमिका के बारे में सब से पहले भाभी को ही बताता है, वो भी पहली बार में ही उस लड़की को पसन्द कर लेती है।
- बुजुर्ग नौकर हमेशा रामू काका होता है।
- सस्पेंस फिल्मों में जिस पर शक दिखाया जाता है, वो कभी अपराधी नहीं निकलता तथा कई बार तो उसी का कत्ल हो जाता है।
- सस्पेंस फिल्मों में या खौफनाक फिल्मों में एक बूढ़ा चौकीदार होता जो कंबल ओढ़े रहता है और हाथ में लालटेन लेकर इधर से उधर घूमा करता है। इसका भी कत्ल हो जाता है।
- हीरो अगर पुलिस का इंस्पेक्टर होता है तो वो जेब में इस्तीफा निकाल कर कमिश्नर की मेज पर जब चाहे तब पटक देता है।
- पुलिस का इंस्पेक्टर हीरो गुन्डों के अड्डों पर अकेला ही जाता है और सब को मारकर हवालात में बंद कर देता है।
- शादी के सीन में छोटी लड़कियां हंसती हुई इधर से उधर भागती रहती हैं।
- हीरोईन बहू सुबह सुबह भजन गाती है। जबकि घर की बिगड़ी हुई औलादें पॉप म्यूजिक सुनती हैं।
- विलेन या उसके साथियों को यदि गोली लगती है तो तुरन्त ही मर जाते हैं, लेकिन यदि हीरो को गोली लगी और उसको मरना है तो वो बहुत देर तक डॉयलाग बोलता है।
- हीरो को यदि गोली लगेगी तो अस्पताल में डाक्टर हीरो के शरीर से गोली निकाल कर टीन के डब्बे में जोर से गिरायेगा।
और भी बहुत से ऐसे सीन हैं जो हमारी हिंदी फिल्मी में अक्सर दोहराये जाते हैं, सारे इस समय याद नहीं आ रहे हैं। याद आने पर यहां लिखता जाउंगा। यदि आप लोगों को भी ऐसे सीन पता हों तो बताइये, और यदि आप फिल्म बनाना चाहते हों तो यहां से कोई 10-15 सीन उठा लीजिये और अपनी फिल्म बना लीजिये
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