- कोई विषय न मिलना (Blogger’ block) : कभी कभी ऐसा होता है कि आप चिठ्ठाकारी करते करते उब जाते हैं और आप को कोई नया विषय ही नहीं सूझता जिस पर आप लिख सकें। यह ब्लॉगिंग की सबसे बड़ी समस्या है जिसको लेकर बहुत कुछ लिखा गया है।
- आपके विषय पर किसी और का लिखा जाना : यह तब होता है जब आप किसी विषय पर लिखने की सोच रहे होते है पता चलता है कि किसी अन्य चिठ्ठाकार ने उसी विषय पर बहुत ही अच्छा लिख मारा है तो आप का सारा उत्साह काफूर हो जाता है।
- ऑफिस में लोगो द्वारा निगाह रखना : जो लोग अपने ऑफिस से छिप कर ब्लाग लिखते हैं उनको ये परेशानी रहती है किसा को पता न चल जाय या फिर कोई देख न ले या फिर किसी दिन कुछ अच्छा लिखने का मन है, विषय भी तैयार है पर उसी दिन ऑफिस में काम ज्यादा आ गया या फिर कोई आप से ऑफिस में मिलने आ गया या बॉस ने बुला लिया तो गई उस दिन की ब्लॉगिंग!
- बिजली का जाना : आप ब्लॉगिंग के लिये तैयार हैं, धांसू सा विषय भी सोच लिया लेकिन जैसे ही कंप्यूटर ऑन किया कि बिजली चली गई। दिल्ली, मंबई की बात अलग है, बाकी देश में कोई गारंटी नहीं है कि कब बिजली आयेगी। ऐसे में लैपटॉप से थोड़ा बहुत काम चल सकता है लेकिन पूरा नहीं।
- इंटरनेट कनेक्शन डाउन होना : आप ने सब कुछ कर लिया। विषय चुन लिया, उस पर मैटर टाईप भा कर लिया कर लिया, और जैसे ही पोस्ट करने बैठे कि पता चला इंटरनेट कनेक्शन डाउन हो गया। अब भुनभुनाते रहिये। ये समस्या सबसे ज्यादा बीएसएनएल (BSNL) के साथ आती है।
- रिश्तेदारों का आना : जैसे ही आप ब्लॉगिंग के लिये अपने आप को तैयार करते है कि पता चलता है पड़ोस के लोग या रिश्तेदार आपसे मिलने के लिये चले आये हैं और आपका पूरा समय सामाजिकता निभाने में ही चला जाता है।
- बच्चों का लढियाना : किसी किसी दिन बच्चे भी आपको दिन भर घेरे रहते हैं और आप ब्लॉगिंग नहीं कर पाते हैं। जिनके बच्चे छोटे हैं उनके साथ तो और भी ज्यादा परेशानी है।
- कमाई न होना : ऐसा हिन्दी व अन्य भाषाओं के चिठ्ठाकारों के साथ ज्यादा होता है। अपने ब्लॉग से किसी भी प्रकार की कोई कमाई न होने से भी चिठ्ठाकार का उत्साह खत्म हो जाता है और वो ब्लॉगिंग छोड़ देता है।
- टिप्पणी न मिलना : ये समस्या हिन्दी ब्लॉगिंग में कुछ ज्यादा है , यहां अगर किसी ब्लॉगर को प्रशंसा वाली टिप्पणियां न मिले तो उसको लगता है कि उसके लेखन किसी ने देखा ही नहीं और वो ब्लॉगिंग के प्रति निराश हो जाता है।
Thursday, January 27, 2011
ब्लॉगिंग
अंग्रेजी नामों वाली हिंदी फिल्में
अगर आप ने गौर किया हो तो शायद ये देखा हो कि आजकल प्रदर्शित होने वाली अधिकांश फिल्मों के नाम अंग्रेजी में हैं। पिछले कुछ दिनों में रिलीज हुई फिल्मों में वांटेड, ऑल द बेस्ट, ब्ल्यू, वेक अप सिड, फ्रूट एंड नट, डू नॉट डिस्टर्ब इत्यादि प्रमुख हैं। हालांकि पहले भी ऐसी फिल्में पहले भी बनती रही है लेकिन पिछले कुछ समय से इस तरह की अंग्रेजी नाम वाली फिल्में कुछ ज्यादा ही बन रही हैं। अपनी कॉमेडी फिल्मों के लिये प्रसिद्ध डेविड धवन अंग्रेजी नाम का इस्तेमाल काफी समय से कर रहे हैं उनकी कई फिल्मों के नाम इसी तरह के थे जैस् कि कुली नंबर वन, आंटी नंबर वन, हीरो नंबर वन, बीबी नंबर वन, पार्टनर, लोफर, डू नॉट डिस्टर्ब इत्यादि रहे हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त निर्देशक मधुर भंडारकर की तो हर फिल्म का नाम अंग्रेजी का होता है। उन्होनें अब तक चांदनी बार, पेज थ्री, कॉरपोरेट, ट्रैफिक सिगनल, फैशन आदि बनाई हैं जो कि अंग्रेजी नामों की है और अब वो एक और फिल्म जेल लेकर आ रहे हैं। आने वाली कुछ फिल्में भी इसी तरह से आखिर क्या कारण है इस तरह से फिल्में बन रही है। कुछ बातें इस बात का शायद जबाब दे सकें
- हिंदी फिल्में अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होती हैं और अंग्रेजी नाम से थोड़ा फायदा मिल सकता है। हिंदी फिल्मों की अधिकांश कमाई प्रवासी भारतीयों द्वारा फिल्में देखने से होती है, लिहाजा उन्हीं के हिसाब से फिल्में बनती हैं।
- इससे ये भी पता चलता है कि भारत में मल्टीप्लेक्स में फिल्मे देकने वाले मध्यम और उच्च वर्ग के लिये ही फिल्में बन रही हैं
- ये भी पता चलता है कि देश के अंदर के देसी और अंदर के इलाकों के लोगों की समस्याओं और उससे संबंधित फिल्में अब कम बनने लगी हैं।
- भारत में अंग्रेजी की स्वीकार्यता भी इससे पता चलती है।
मेरे विचार में अपवाद के रुप में तो अंग्रेजी नाम वाली हिंदी फिल्में तो ठीक हैं लेकिन अगर ये बहुतायत से होने लगे तो खतरे की घंटी है। हमें समय रहते चेत जाना चाहिये।
हिंदी फिल्म
- हीरो हमेशा फर्स्ट क्लास फर्स्ट पास होता है और हमेशा BA करता है। MA तो कभी भी नहीं। आजकल की फिल्मों में थोड़ा परिवर्तन हुआ है अब हीरो MBA करता है।
- अमीर प्रवासी भारतीय लड़के (हीरो) का नाम अधिकतर राज, आर्यन या राहुल होता है।
- भारत के किसी भी जगह के गांव की कहानी हो, वहां की बोली हमेशा पूर्वी उत्तर प्रदेश के गांवों की होती है।
- गांव की गोरी (हीरोईन) हमेशा चोली घाघरा ही पहनती है और उस पर हमेशा ही जमींदार या उसके बेटे की गंदी निगाह होती है।
- गांव में रिटार्यड फौजी होता है जो बात बात में डींगें मारता है।
- कहानी अगर शहर की तो रिटार्यड फौजी न होकर रिटार्यड कर्नल होगा जिसकी घनी मूंछें होती हैं और वो बात बात में गोली मारने की बात करता है तथा बर्मा की लड़ाई (कब हुई थी?) की कहानी सुनाता है।
- अगर फिल्म में दो हीरो हों तो दोनो एक ही लड़की को चाहेंगे, दोनों ही एक दूसरे के लिये अपना प्यार कुर्बान करने को तैयार रहते हैं।
- दो हीरो वाली फिल्मों में, दोनों हीरों में एक बार गलतफहमी तथा लड़ाई अवश्य होगी, यह लड़ाई हमेशा बराबरी पर छूटती है। अगर चाकू का इस्तेमाल इस लड़ाई में हो रहा है तो पहले एक हीरो की आंख या गर्दन तक चाकू जायेगा, फिर दूसरे हीरो की आंख और गर्दन तक।
- हीरो चाहे जो करता हो, वो कार चला सकता है तथा जरुरत पड़ने पर हैलीकॉप्टर तथा हवाई जहाज उड़ा सकता है।
- पुलिस हमेशा फिल्म के अन्त में आती है।
- विलेन पूरी फिल्म में मौज करता है तथा कोई भी बात करते समय या गलत काम करते समय जोर जोर से हंसता रहता है।
- अगर विलेन ऊंचे से या खास तौर पर हैलीकॉप्टर से भागते हुये हीरो पर गोली बरसाता है तो गोलियां हीरो के दोनो ओर लाइन बनाती हई गिरती हैं लेकिन हीरो को एक भी नहीं लगती है, अगर हीरो नीचे हैलीकॉप्टर पर निशाना लगाये तो एकदम निशाना लगता है। ये बात हॉलीवुड की फिल्मों पर भी लागू होती है।
- हिन्दी फिल्मों के विलेन को फाईटिंग नहीं आती है।
- हीरो जब विलेन को मार मार कर बाजी जीत रहा होता है तभी पता नहीं क्यों हीरो की हीरोईन, बहन एवं मां वहां आ जाती हैं जिन्हे विलेन के आदमी पकड़ लेते हैं तथा बाजी पलट जाती है।
- विलेन के नाम डागा, जेके, संग्राम, जगताप, शक्ति, राका, लॉयन होते हैं और उनके नीचे के गुन्डों के नाम शंकर, जग्गू, राबर्ट, माइकल, रघू, राजा इत्यादी होते हैं। विलेन की महिला साथियों के नाम रीटा, मोना, सोनिया तथा मोनिका होते हैं। ये महिलायें मन ही मन हीरो को चाहती हैं तथा जब विलेन हीरो पर गोली चलाता है तब बीच में आकर अपनी जान दे देती हैं।
- दारु का अड्डा हमेशा माइकल का होता है।
- विलेन का साथ देने वाले नेता कार्टून टाईप के होते हैं और हमेशा बिहारी बोलते हैं।
- पुरानी फिल्मों में जज साहब कोई फैसला सुना रहे होते थे तभी अदालत के दरवाजे के पास से कोई जोर से चिल्लाता था "ठहरो! जज साहब..."।
- विलेन की बहन या बेटी हीरो से प्यार करती है और इसको लेकर हीरो और विलेन में तनातनी रहती है।
- अगर विलेन कोई खतरनाक काम के मंसूबे बना रहा होता है या कोई बड़ी प्रयोगशाला टाईप की जगह होती है तो विलेन हीरो को अपने जाल में फंसा हुआ जानकर अपना पूरा प्लान बता देता है, या पूरी प्रयोगशाला घुमाकर सब कुछ बता देता है।
- विलेन हीरो को यह भी बता देता है कि उसके बाप का हत्या उसी ने की थी।
- कॉलेज के प्रोफेसर हमेशा कार्टून टाईप के होते हैं जो कि साथी महिला प्रोफेसरों को पटाने की कोशिश करते रहते हैं।
- कॉलेज का दादा हमेशा कॉलेज के ट्रस्टी का लड़का होता है, जो कि प्रिंसीपल को हमेशा धमकाता रहता है।
- देवर हमेशा भाभी का लाड़ला होता है तथा अपना प्रेमिका के बारे में सब से पहले भाभी को ही बताता है, वो भी पहली बार में ही उस लड़की को पसन्द कर लेती है।
- बुजुर्ग नौकर हमेशा रामू काका होता है।
- सस्पेंस फिल्मों में जिस पर शक दिखाया जाता है, वो कभी अपराधी नहीं निकलता तथा कई बार तो उसी का कत्ल हो जाता है।
- सस्पेंस फिल्मों में या खौफनाक फिल्मों में एक बूढ़ा चौकीदार होता जो कंबल ओढ़े रहता है और हाथ में लालटेन लेकर इधर से उधर घूमा करता है। इसका भी कत्ल हो जाता है।
- हीरो अगर पुलिस का इंस्पेक्टर होता है तो वो जेब में इस्तीफा निकाल कर कमिश्नर की मेज पर जब चाहे तब पटक देता है।
- पुलिस का इंस्पेक्टर हीरो गुन्डों के अड्डों पर अकेला ही जाता है और सब को मारकर हवालात में बंद कर देता है।
- शादी के सीन में छोटी लड़कियां हंसती हुई इधर से उधर भागती रहती हैं।
- हीरोईन बहू सुबह सुबह भजन गाती है। जबकि घर की बिगड़ी हुई औलादें पॉप म्यूजिक सुनती हैं।
- विलेन या उसके साथियों को यदि गोली लगती है तो तुरन्त ही मर जाते हैं, लेकिन यदि हीरो को गोली लगी और उसको मरना है तो वो बहुत देर तक डॉयलाग बोलता है।
- हीरो को यदि गोली लगेगी तो अस्पताल में डाक्टर हीरो के शरीर से गोली निकाल कर टीन के डब्बे में जोर से गिरायेगा।
और भी बहुत से ऐसे सीन हैं जो हमारी हिंदी फिल्मी में अक्सर दोहराये जाते हैं, सारे इस समय याद नहीं आ रहे हैं। याद आने पर यहां लिखता जाउंगा। यदि आप लोगों को भी ऐसे सीन पता हों तो बताइये, और यदि आप फिल्म बनाना चाहते हों तो यहां से कोई 10-15 सीन उठा लीजिये और अपनी फिल्म बना लीजिये
SMS.........
एसएमएस विज्ञापनों ने परेशान कर रखा है
बचें चकाचौंध वाले विज्ञापनों से
ऐसा लगता है कि घरेलु सामान के निर्माता हमको इस त्यौहारों के मौसम मे कुछ न कुछ सामान बेच कर ही मानेंगे। किसी भी समाचार पत्र को उठा लीजिये या फिर टीवी का कोई भी मनोरंजन या समाचार चैनल देख लीजिये, चकाचौंध वाले, कई प्रकार के लुभावने विज्ञापन हाजिर हैं। इस तरह के विज्ञापन इस कदर चकाचऔंध वाले कि अगर आप ने कभी एलसीडी टीवी (LCD TV) लेने के लिये नहीं सोचा हो तो सोचना शुरु कर देंगे, वाशिंग मशीन बदलने चाहे कोई इरादा न हो लेकिन इस बात पर कुछ गौर तो फरमाने ही लगते है।
आजकल विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रानिक व घरेलु सामान के निर्माता कई प्रकार की योजनायें लाकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। जिनमें कुछ इस प्रकार है -
- फ्री गिफ्ट – इस प्रकार की योजना में ग्राहक को ये बताया जाता है कि आपको सामान करीदने पर कुछ न कुछ मुफ्त उपहार मिलेगा। हालांकि ये बात अलग है कि ये उपहार कितना मुफ्त होता है और कितना मुख्य सामान की कीमत में शामिल होता है, दूसरी बात ये कि हो सकता है कि मुफ्त मिलने वाले समान में आप की रुचि न हो या फिर कई बार पुरानी पड़ चुकी (आउटडेटेड) वस्तुयें भी इस तरह की स्कीमों में चला दी जाती हैं।
- स्क्रैच कार्ड – इस तरह की योजना में ग्राहक को ये बताया जीता है कि खरीदने पर आपको एक कूपन मिलेगा जिसमें कुछ न कुछ अवश्य मिलेगा और कुछ बड़ा भी निकल सकता है। अधिकांश समय इस तरह के कूपन में मिलने वाली वस्तु कोई मामूली सी होती है और बड़ा सामान किसी का नहीं निकलता है।
- लकी ड्रा – ये वाली योजना सबसे ग्राहक के लिये सबसे ज्याद बेकार होती है। बताया तो ये जाता है कि लाखो-करोंड़ों के इनाम निकलेंगे। लेकिन अधिकांश ग्राहक इतने लकी नही होते और दूसरी बात ये कि अगर किसी का इनाम निकला भी तो केवल एक को ही तो मिला, सभी ग्राहकों को तो कुछ भी नहीं मिला।
अत: इस तरह की किसी योजना में न फंस कर अपनी अक्ल का प्रयोग करके ही सामान खरीदना चाहिये और चकाचौंध वाले किसी भी विज्ञापन से प्रभावित नहीं होना चाहिये |
Friday, December 24, 2010
Value of love


Once upon a time, there was an island where all the feelings lived: Happiness, Sadness, Knowledge, and all of others, including love. one day it was announced to the feelings that the island would sink, so all constructed boats and left. Except for love . Love was the only one who stayed. love wanted to hold out untill the last possible moment.
when the island had almost sunk, love decided to ask for help. Richness was passing by love in a grand boat. Love said, "Richness, can you take me with you?" Richness answered,"No, i can't .There is a lot of gold and silver in my boat. There is no place here for you." Love decided to ask vanity who was also passing by in a beautiful vessel. "Vanity, please help me !"
"i can't help you, love you are all wet and might damage my boat," Vanity answered . Sadness was close by so love asked ,"Sadness, let me go with you." oh ......Love, i am so sad that i need to be by myself !" Happiness passed by love, too, but she was so happy that she did not even hear when love called her.
Suddenly, there was a voice ," it was an elder. so blessed and overjoyed, love even forgot to ask the elder where they were going. when they arrived at dry land, the elder went her own way. Realizing how much was owned the elder,love asked knoweldge, another elder," who helped me?" "it was time," knowledge answered. "Time?" asked loved. "But why did time help me?" knowledge smiled with deep wisdom and answered," Because only time is capable of understanding how valuable love is."
Give 2 Receive

A son and his father were walking in the mountains. suddenly, his son falls, hurts himself and screams: “AAAhhhhhhhhhhh!!!”
To his surprise, he hears the voice, somewhere in the mountain: “AAAhhhhhhhhhhh!!!”
curious, he yells: ” Who are you?” He receives the answer :”Who are you?”
Angered at the response, he screams: “coward!” He recieves the answer: ”coward!”
He looks at his father and asks: “what’s going on ?” The father smiles and says:” my son, pay attention.” And then he screams at the mountain: ” I admire you!” The voice answers.”I admire you!”
Again the man screams: ” you are a champion!” The voice answers. ” you are a champion!”
The boy is surprised, but does not understand. Then the father explains: “people call this an ‘echo’, but really this is ‘Life’.
It gives you back everything you say (or do).
Our life is simply a reflection of our actions.
If you want more love in the world, create more love in your heart.
If you want more competence in your team, improve your competence. This relationship appects of life. Life will give you back everything you have given to it.”
Your life is not a coincidence; it’s a reflection of you!!!
फॉलोअर बनने की नहीं लीडर बनने की सोचें !!
“हम खुद की अपेक्षा दूसरों की ओर अधिक ध्यान देते हैं क्योंकि हमें खुद पर यकीन नहीं होता । मेरी नजर में इसके दो ही मुख्य कारण हो सकते हैं , या तो हम खुद को दूसरो की तुलना में कम आंकते हैं या तो हममें आत्मविश्वास की कमी होती है । किसी दूसरे ने कुछ नये तरीके की हेयर स्टाइल रखी या नये तरीके की शर्ट पहनी तो हम उसकी कॉपी करने लगते हैं। इस बात पर ध्यान दिये बिना कि हमारे शरीर पर क्या ठीक लगेगा ? बस दूसरे ने किया तो हम भी करेंगें । लेकिन इस तरह से हमारी अपनी पर्सनैलिटी दब जाती है । हम खुद को समाज में कहां खडा पायेंगे जब हमारी सारी चीजें दूसरों पर ही आधारित रहेगी ? जरूरत खुद को ऊपर लाने की है । हम कुछ ऐसा करें कि लोग हमारी बातों का अनुसरण करें ।इसके लिये हमें खुद पर भरोसा करना होगा । जब हम अपने पर विश्वास करने लगेंगे तभी हम समाज को कुछ दे पाने में सक्षम होंगे । फॉलोअर बन कर न तो हम खुद का भला कर सकेंगे और न ही देश का । इसलिये फॉलोअर बनने की नहीं लीडर बनने की सोचें ॥"
Thursday, December 23, 2010
नोकिया रहस्य (Nokia Secrets)
नोकिया फोन्स के कुछ और कोड्स नीचे दिये जा रहे हैं जो कि नोकिया फोन्स के रहस्यों को परत-दर-परत खोलती हैं:
(टिप्पणी: इन कोड्स का प्रयोग अच्छी तरह से समझ कर अपनी स्वयं की जिम्मेदारी से करें।)
| *#4720# | यह कोड Half Rate Codec’ को क्रियाशील कर देता है जिससे आपके नोकिया फोन की साउंड क्वालिटी तो अवश्य ही कम हो जाती है किन्तु टॉक टाइम लगभग 30% अधिक हो जाता है। |
| *#4720# | यह कोड ‘Half Rate Codec’ को पुनः अक्रियाशील कर देता है। |
| *#9999# | यदि *#0000# कोड काम नहीं करता है तो ‘Phones software version जानने के लिये इस कोड का प्रयोग करें। |
| *#3370# | यह नोकिया कोड ‘Enhanced Full Rate Codec (EFR)’ को क्रियाशील (activate) कर देता है परिणामस्वरूप आपके नोकिया फोन की साउंड क्वालिटी अतिउत्तम हो जाती है किन्तु ‘टॉक टाइम’ (talk time) लगभग 5% कम हो जाता है |
| #3370# | यह कोड ‘Enhanced Full Rate Codec (EFR)’ को पुनः अक्रियाशील (deactivate) कर देता है। |
| #pw+1234567890+1# | ‘Provider Lock Status’ जानने के लिये इस कोड का प्रयोग करें (“p,w” and “+” ‘symbols’ के लिये “*” बटन का प्रयोग करें) |
| #pw+1234567890+2# | ‘Network Lock Status जानने के लिये इस कोड का प्रयोग करें (“p,w” and “+” ‘symbols’ के लिये “*” बटन का प्रयोग करें) |
| #pw+1234567890+3# | ‘Country Lock Status’ जानने के लिये इस कोड का प्रयोग करें (“p,w” and “+” ‘symbols’ के लिये “*” बटन का प्रयोग करें) |
| #pw+1234567890+4# | ‘SIM Card Lock Status’ जानने के लिये इस कोड का प्रयोग करें (“p,w” and “+” ‘symbols’ के लिये “*” बटन का प्रयोग करें) |
| *#43# | आपके समस्त “Call Waiting” स्टेटस (status) को प्रदर्शित करता है। |
| *#7760# | मेनुफेक्चरर (Manufactures code) कोड को प्रदर्शित करता है। |
| *#7780# | ‘factory settings’ को रेस्टोर (restore) करता है। |
| *#147# | इस कोड से आप जान सकते हैं कि पिछला कॉल आपको किसने किया था। (सिर्फ vodofone के लिये) |
| *#21# | इस कोड से आप जान सकते हैं कि आपके सारे कॉल्स किस नम्बर में डाइव्हर्ट (divert) किये गये है। |
| *#2640# | वर्तमान में प्रयोग किये जा रहे ‘phone security code’ को प्रदर्शित करता है। |
| *#30# | व्यक्तिगत नम्बर (private number) को प्रदर्शित करता है। |
अपने मोबाइल सेट (Mobile Set) का इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI – International Mobile Equipment Identity) चेक करना
(टिप्पणी: इन कोड्स का प्रयोग अच्छी तरह से समझ कर अपनी स्वयं की जिम्मेदारी से करें।)
यह तो आपको पता ही होगा कि प्रत्येक मोबाइल सेट (Mobile Set) की इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI – International Mobile Equipment Identity) होता है जो कि सभी मोबाइल सेट्स के लिये अलग अलग होता है और यही मोबाइल सेट की पहचान होती है। यदि आप अपने मोबाइल सेट की इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी जानना चाहते हैं तोः
- अपने मोबाइल सेट में *#06# टाइप करें।
- आपको अपने मोबाइल सेट के स्क्रीन पर उसका इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी इस रूप में दिखाई देगा -
XXXXXX
XX XXXXXX X
TAC FAC SNR
SP
उपरोक्त कोड्स का विवरण नीचे दिया जा रहा है।
- TAC
= टाइप एप्रूव्हल कोड (Type approval code) - FAC
= फाइनल असेम्बली कोड़ (Final assembly code) - SNR
= सीरियल नम्बर (Serial number) - SP
= स्पेयर (Spare)
यहाँ पर यह बता देना भी अनुचित नहीं होगा कि इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि आपका मोबाइल चोरी हो सकता है और उसका सिम, ऊपर का कव्हर आदि सभी कुछ भी बदला जा सकता है किन्तु इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी को कोई भी कभी नहीं बदल सकता।
सर्विस मेनू टाइप की प्रविष्टि करना
(टिप्पणी: यह टिप केवल नोकिया फोन के लिये है)
- अपने मोबाइल सेट में *#92702689# टाइप करें।
- अब आपको स्क्रीन पर नजर आयेगा:
- सीरियल नम्बर (Serial number – IMEI)
- उत्पादन दिनांक (Production date – MM/YY)
- खरीदने की तारीख (Purchase date – MM/YY) इसमें आप केवल एक बार प्रविष्टि कर सकते हैं।
- पिछले मरम्मत की तारीख (Date of last repair) 0000 का अर्थ है अब तक कभी मरम्मत नहीं हुआ है।
- इन्फ्रा-रेड के द्वारा यूजर डाटा का किसी दूसरे नोकिया फोन में अंतरण करना। (Transfer user data to another Nokia phone via Infra-Red)
सॉफ्टवेयर रिव्हीजन टाइप चेक करना
- अपने मोबाइल सेट में *#0000# टाइप करें।
- अब आपको स्क्रीन पर नजर आयेगा:
- Nokia 6030 (मॉडल नम्बर – Model Number)
- V 5.11 (सॉफ्टवेयर रिव्हीजन – Software revision)
- 30-05-2006 (सॉफ्टवेयर रिलीज दिनांक – date of the software release)
- RM-74 (फोन टाइप – Phone type)
Tuesday, December 21, 2010
भूत-प्रेत


मुझे व्यक्तिगत तौर पर तो भूतों पर कोई विश्वास नहीं है लेकिन जितना भी भतों के बारे में जानकारी है वो सब राजकुमार कोहली, रामसे बंधुओं और रामगोपाल वर्मा और कुछ हॉलीवुड के फिल्मकारों के कारण ही है। इन्हीं लोगों ने फिल्में बनाकर हमें जागरुक किया है कि भूत होते हैं, कैसे दिखते हैं, किस प्रकार लोगो के उपर आ जाते हैं, किस प्रकार वो अपने दुश्मनों से बदला लेते है आदि आदि। इसके अलावा सत्य कथा और मनोहर कहानियां भी इस प्रकार की बातो को प्रकाशित करते रहे हैं जिसमे बताया जाता रहा कि कैसे किसी के उपर भत आ गया और कैसे बहेड़ी के मौलवी साहब ने उसको काबू में किया इत्यादि इत्यादि। मै तो तो इन्हीं फिल्मकारों और प्रकाशकों की रचनाओं को ही प्रमाणिक मानकर चलता हूं और इन्हे ही भूतों का विशेषज्ञ समझता हूं और उसी के आधार पर मेरी कुछ धारणायें हैं और भूतों से कुछ शिकायतें भी हैं ।
- भूत-प्रेत हमेशा गरीबों को ही परेशान करते हैं। देखिये फिल्मों मे भी या असल जिंदगी में (सत्य कथा और मनोहर कहानियां के आधार पर) किसी गांव के किसी आदमी या औरत के उपर भूत आ गया। क्या आपने कभी पढ़ा या सुना कि दिल्ली, मंबई के किसी टाटा, बिड़ला, अंबानी, बच्चन, कपूर, गांधी के घर में कोई भूत की प्रवेश करने की हिम्मत भी हुई हो? तो हम क्यों न माने की भूत का जोर भी बस गरीब पर ही है।
- भूत हमेशा अपने अपमान का बदला लेता है। अब हमने तो फिल्मों और कहानियों मे ये ही पढ़ा है। लेकिन असल जिन्दगी मैंने कभी नहीं पढ़ा कि किसी भूत ने अपनी मौत का बदला ओसामा बिन लादेन, वीरप्पन, प्रभाकरण, चंगेज खां, तालीबान इत्यादि से लिया हो। तो क्या भूत भी बड़े-बड़े आतंकवादियों और अपराधियों से डरते हैं?
- कुछ भूत अच्छे होते है । हो सकता है कि अच्छे होते हों लेकिन कभी भी बुरे आदमी को ऊतों से परेशान होते नहीं सुना। कितनी ही आतंकी घटनायें जैसे कि 9/11, 7/7, 26/11 इत्यादि हईं, कितने ही जुल्मी लोग इतिहास में हुये लेकिन किसी को भी भूतों ने परेशान नहीं किया। क्या अच्छे भूतो को आतंकियो, डकैतों, जुल्मियों को परेशान नहीं करना चाहिये था?
- भूत सुनसान, उजाड़ जगह व जंगल वगैरह में रहते हैं। ऐसी ही जगहों पर आतंकवादी, डाकू, चोर, लुटेरे रहते हैं, लेकिन उनको कोई भूत नहीं दिखता लेकिन यदि कोई सीधा-सादा गांव वाला अगर उधर चला जाये तो उसे परेशान कर देते हैं। बहुत नाइंसाफी है ये । क्या आप लोगो ने कभी ऐसा सोचा है यदि नहीं सोचा तो आज ही सोचिये और मुझे अपनी सोच से अवगत जरूर कराईये ,तब तक के लिये अलविदा......
सफलता और संतुष्टि !!


समय की कमी के कारण आप लोगों से कुछ दिनों के बाद मिलना हो रहा हैं...
क्या आप अपने जीवन से संतुष्ट हैं ?
सफलता और संतुष्टि के बीच का संबंध क्या है ?
क्या संतुष्टि और सुख एक दूसरे के पूरक हैं ?
सुखिया ये संसार है खावे अरू सोये, दुखिया दास कबीर है जागे अरू रोये।
ऐसे कितने ही सवाल हमारे सामने प्रतिदिन आते हैं और हम अक्सर उन्हें टालकर अथवा बिना विचारे कोई दार्शनिक तर्क देकर आगे बढ जाते हैं। लेकिन उसके बाद भी ये प्रश्न हमारा पीछा नहीं छोड़ते हैं। मेरी समझ में सुख और संतुष्टि दोनो ही आपके "मन", "विचार" और "कर्मों" के आपसी संतुलन और साम्य पर निर्भर करती है। कम से कम मेरे जीवन में ये साम्य और संतुलन अभी स्थापित नहीं हो सका है; इस दिशा में प्रयासरत अवश्य हूँ देखिए कब मेहनत रंग लाती है।
कथनी और करनी का अंतर, विचार और आचार की भिन्नता, स्वयं के व्यवहार पर खिन्नता और मन के अन्दर सदैव चलने वाला अंतर्कलह सब एक ही तो हैं। बात बड़ी सरल सी लगती है और सरल बात इतनी आसानी से समझ नहीं आती।
इस छोटे से जीवन में मुझे कुछ विलक्षण प्रतिभा के धनी महापुरुषों के साथ कुछ समय बिताने का सुअवसर मिला और उन सभी के व्यक्तित्व में मुझे एक बात समान लगी, उन सब के आचरण और व्यवहार में मुझे एक अजीब सी सहजता दिखी। बहुत से लोग अपने व्यक्तित्व में इस सहजता को जबरन ठूँसने का प्रयास करते हैं। लेकिन ये प्रयास उसी प्रकार असफल हो जाते हैं जैसे कि युवाओं में "कूल" दिखने के प्रयास। किसी ने कहा है कि अगर आप "कूल" हैं तो आपको "कूल" दिखने के किसी प्रयास की आवश्यकता नहीं है। उसी प्रकार व्यवहार और आचरण की सहजता अपने आप ही आती है। आप इस प्रकार के आचरण का झूठा लबादा देर तक नहीं ओढ़ सकते। आपके मन और चरित्र की दुर्बलातायें उस ओढे हुये लबादे तो तार तार करने में देर नहीं लगाती ।
अब प्रश्न ये उठता है कि क्या इस प्रकार की व्यवहार की सहजता को प्रयास से अर्जित किया जा सकता है ? क्या निरन्तर प्रयास के द्वारा आप सच जैसा दिखने वाला झूठा लबादा ओढ सकते हैं ? इस प्रकार के प्रयासो का आपके व्यक्तित्व और मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड सकता है ? दूसरों को जताना कि आप बडे सहज हैं आसान है; लेकिन स्वयं के मस्तिष्क को इतना ट्रेन करना कि आप झूठा लबादा सहजता से ओढे रहें अलग बात है । मेरी राय में ऐसे प्रयासों का सफल होना मुश्किल है लेकिन असंभव नहीं । इसके अलावा अगर आप इस प्रकार की झूठी सहजता को ओढने में सफ़ल हो भी जायें तो भी दोहरा जीवन जीने की विडम्बना के रूप में एक कीमत आपको देनी ही पडती है ।
जिस व्यक्ति से आपको घृणा होती है उसके व्यक्तित्व की कोई ऐसी बात होती है जो आप स्वयं में भी पाते हैं (दूसरे लोग ये जानते हों जरूरी नहीं है ), और यही बात आपको कभी कभी बहुत परेशान करती है ।
ज्यादा सोचने वाला विषय तो नहीं है लेकिन यदि आप इसपर विचार करें तो और भी अच्छा होगा ।
तब तक के लिए नमस्कार........
Sunday, October 31, 2010
I like Shreya Ghoshal's voice........

Do u know i like shreya Ghoshal and her songs.....
here i am telling something about her beautiful songs....
Shreya Ghoshal was born in a Bengali Family in Durgapur, West Bengal. She is a Indian classical singer. She shot to fame when she won the Sa Re Ga Ma Pa contest on Zee TV. Besides Hindi, she also sings in Bengali, Assamese, Telugu, Kannada, Malayalam, Marathi, Punjabi and Tamil.
She has 4 National Film Awards, 5 Filmfares and 4 IIFA Awards to her credit. In a very short period, she has emerged as the leading female playback singer in the Hindi Film Industry.Hope you all have a nice time listening to these beautiful tracks...
*Jadoo Hai Nasha Hai - Jism
*Teri Ore - Singh Is Kinng
*Barso Re - Guru
*Yeh Ishq Hai - Jab We Met
*Agar Tum Mil Jao - Zeher
*Beri Piya - Devdas
*Silsila Ye Chaahat Ka - Devdas
*Cheeni Kum - Cheeni Kum
*Dola Re Dola - Devdas
*Piyu Bole - Parineeta
*Thirak Thirak - Khoya Khoya Chand
*Zoobi Doobi - 3 Idiots
*U Me Aur Hum - U Me Aur Hum
*Jaane Do Na - Cheeni Kum
*Aahista Aahista - Bachna Ae Haseeno
*O Saathi Re - Omkara
*Tujh Mein Rab Dikhta Hai - Rab Ne Bana Di Jodi
*Pal Pal Har Pal - Lage Raho Munna Bhai
*Kahin Na Laage - Kismat Konnection
*Kyun - Kambakkht Ishq
*Noor E Khuda - My Name Is Khan
*Har Taraf - Saaya
*Chann Chann - Munna Bhai M.B.B.S.
*Mere Dholna - Bhool Bhulaiyaa
*Tu Meri Dost Hai - Yuvvraaj
*Leja Leja Re - Ustad and The Divas
*Bepanah Pyaar Hai - Krishna Cottage
*Thode Badmash - Saawariya
*Salaam-e-Ishq - Salaam-e-Ishq
*Main Hoon Na - Main Hoon Na
*Ta Ra Rum Pum - Ta Ra Rum Pum
*Wada Raha Pyar Se - Khakee
*Chalo Tumko Lekar - Jism
*Chori Chori Chupke Chupke - Krrish
*Dholna - Heyy Babyy
here you can download songs.
Sunday, October 24, 2010
बच्चों के साथ सुकून

Saturday, October 23, 2010
संगीत.....कैसे-कैसे....

आप लोगों को मेरा नमस्कार.....
- हम भुल गए रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भुलें......
- मुझे तेरी मुहब्बत का सहारा मिल गया होता..........
- आपकी नजरों ने समझा प्यार के काबिल मुझे..........
- कोई पत्थर से ना मारे मेरे दिवाने को..............
- जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं...............
- अखियों के झरोखे से,तुने देखा जो सावंरे..........
- पत्थर के सनम..........
आप सभी लोगों से क्षमा चाहता हूँ कि मेरे इंटरनेट सर्वर में कुछ समस्या के कारण मैं और ज्यादा नहीं लिख पा रहा हूँ, लेकिन वादा करता हूँ कि अगले पोस्ट में आपको कुछ ज्यादा ही गीतों के बारे में बताने का प्रयास करूँगा ।
वैसे उपर्युक्त सभी गानों को आप http://www.songs.pk/ पर डाउनलोड करके सुन सकते हैं ।
तब तक के लिये नमस्कार............
Friday, October 22, 2010
प्यार या दोस्ती....?

आज मैं आपको कुछ अलग और अजीब दुनिया में ले चलता हूँ जहाँ आपको कुछ अपने विचारों से भी अवगत कराना पड सकता है या यूँ कहे कि कराना ही है। चलिये ज्यादा बात न करते हुए मूल बात पर आते हैं ।
दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो मामूली घटनाओं और यादों को भी खास बना देता है। हमारे जेहन में ऐसे बहुत से पलों को ताउम्र के लिए कैद कर देता है। जो वापिस तो कभी नहीं आते पर हाँ जब भी आप अपने पुराने दोस्तों से मिलते हैं तो अब उन बातों को याद कर जरूर हँसते होंगे। बेशक आज की 'बिजी लाइफ' के चलते दोस्त रोज मिल नहीं पाते लेकिन दिल से दूर नहीं होते हैं, उनकी रूह, उनकी सांसो में दोस्ती हमेशा साथ होती है।
दोस्ती के लिए कोई दिन तय कर उसे फ्रेंडशिप डे का नाम दे देना कितना सही है यह कहना थोड़ा मुश्किल है। पर इतना जरूर है कि जिस दिन पुराने यार सब मिल बैठ जाएँ उनके लिए वही फ्रेंडशिप डे हो जाता है। दोस्ती को सीमाओं में बांधना बेवहकूफी होती है। किसी जवां लड़के या यंग लड़की के दोस्त साठ साल के बूढ़े भी हो सकते हैं।
एक मां भी अपने बेटे की और एक पिता भी अपनी बेटी के अच्छे दोस्त हो सकते हैं। क्योंकि दोस्त वो बातें बताता है जो किसी क्लास या कोर्स में नहीं पढ़ाई जाती हैं। एक लड़का और एक लड़की जो अपने जीवन के भावी सपनों में खोए होते हैं वो भी अपने हर रिश्ते में पहले एक दोस्त खोजते हैं जानते हैं क्यों? क्योंकि यही वो आईना है जो सच और झूठ का अंतर बताता है।
लेकिन अफसोस इस खूबसूरत रिश्ते और खूबसूरत दिन को देश के कुछ ऐसे लोग जो अपने आप को बेहद ही समझदार समझते हैं, अपने आप को समाज का ठेकेदार कहते हैं,को ये दिन पाश्चात्य सभ्यता का दुष्प्रभाव लगता है। उनका मानना है इससे हमारे युवा भटक रहे हैं, अब ये उन्हें कौन बताये कि भले ही फ्रेंडशिप डे पाश्चात्य सभ्यता की देन है, लेकिन फ्रेंडशिप तो हमारे देश की मिट्टी में हैं। भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की दोस्ती के आगे क्या कोई और मिसाल है, नहीं ना..तो फिऱ इस दिन के लिए हाय तौबा क्यों?.....
परन्तु प्यार और दोस्ती में सबसे बड़ा फ़र्क विश्वास का है. हालांकि प्यार और दोस्ती की बुनियाद ही विश्वास से शुरू होती है लेकिन प्यार में यही विश्वास डगमगाने लगता है. अमूमन एक प्रकार का डर या भय तारी हो जाता है कि कहीं सच कहने से प्यार में फ़र्क ना आ जाए और यही भय अविश्वास का कारण बनने लगता है. जबकि दोस्ती में विश्वास का कोई तुल्य नहीं होता. दोस्ती में विश्वास इतना गहरा होता है कि दोस्त हमारी सभी घटनाओं का सहभागी बन जाता है. और यही विश्वास की राह आगे चलकर आपके जीवन डगर में बदलाव लाती है.
लेकिन अमूमन यह देखा गया है कि भले ही दोस्ती में विश्वास अधिक होता है लेकिन इसके बावज़ूद जब बात प्यार और दोस्ती में किसी एक को चुनने की हो तो प्यार दोस्ती पर हावी हो जाता है.। हम शायद अपने विषय से भटक रहे हैं, इसलिये मूल बात पर आते हैं ।
चाहे गीता बांचिये या पढ़िये कुरआन मेरा तेरा प्यार ही हर पुस्तक का ज्ञान
प्यार एक ऎसा अहसास है जिस पर या तो बहुत कुछ लिखा जा सकता है या शायद कुछ भी नहीं। इसमें आप जितना गहरे उतरते हैं उतना ही इसको समझने लगते हैं। यही एक ऎसा अहसास है जिसे हर कोई समझ लेता है, चाहे वह इंसान हो या जानवर। प्यार को व्यक्त करने के लिये आपको किसी भाषा की जरूरत नहीं होती, ये तो आपकी निगाहें ही बयां कर देती है।
प्यार उन्मुक्त होता है, ये किसी बंधन या शर्त को स्वीकार नहीं करता। प्यार में बंधन की कोई जगह नहीं होती। यदि आप किसी से प्यार करते हैं तो वो जो है, जैसा है उससे प्यार करते हैं। अगर आप उसे बदल कर प्यार करना चाहते हैं तो फिर ये प्यार हो ही नहीं सकता। प्यार यह नहीं है कि आप चाहतें हैं वो हमेशा आपके साथ रहे, प्यार तो यह है कि वो जहां भी रहे खुश रहे। क्योंकि प्यार सिर्फ देना जानता है, लेना नहीं।
सबसे ज्यादा जिस प्यार की चर्चा होती है वह है, प्रेमी-प्रेमिका का प्यार। और हो भी क्यों ना इतना खूबसूरत अहसास और कहां मिलेगा। एक-दूसरे को देखकर चेहरे पर रौनक आ जाना, दिल की धड़कन बढ़ जाना, मिलने के लिए तड़पना, रुठना-मनाना।
नज़र मुझसे मिलाती हो तो तुम शरमा सी जाती हो इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं।
कहतें हैं कोई सब कुछ भूल सकता है पर अपना पहला प्यार नहीं भुला सकता।
भूले से भी नहीं भुलेंगें वो बीते ज़माने वो रेशमी लम्हें वो मोहब्बत के फसानें
प्यार में ही इतनी ताकत है कि वो शैतान को भी इंसान बना सकता है। अगर दिलों में प्यार कायम हो जाये तो नफ़रत के लिये कहीं कोई जगह ही नहीं बचेगी। और दुनिया में जितनी समस्यायें हैं सब खत्म हो जायेगी। पता नहीं क्यों लोग आपस में प्यार से क्यों नहीं रह सकते। लड़ते-झगड़्ते क्यों रहतें हैं? आप प्यार किसी एक से करतें हैं और आपको सारी दुनिया प्यारी लगने लग जाती हैं। दुनिया में ऎसी कोई समस्या नहीं है जिसका हल प्यार से नहीं हो सकता हो। प्यार सच्चा या झूठा नहीं होता, प्यार थोड़ा या ज्यादा नहीं होता। प्यार सिर्फ़ प्यार होता है और कुछ नहीं। और इससे पवित्र अहसास दूसरा नहीं हो सकता। इसीलिये तो भगवान भी सिर्फ़ प्यार के ही भूखे होते हैं।
हमनें देखी हैं उन आँखों की महकती खूशबू हाथ से छूकर इसे रिश्तों का इल्जाम न दो एक अहसास है ये रूह से महसूस करो प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो
अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो हिचकिये मत। अपने प्यार को उस पर जाहिर कीजिये। याद रखिये आप कोई गुनाह नहीं कर रहें हैं, जो सबसे छुपाये। बस एक गुज़ारिश है, प्यार करें खिलवाड़ नहीं। प्यार को बदनाम करने वाले भी बहुत से लोग है दुनिया में। लेकिन प्यार वो शमा है तो हमेशा से जलती रही है। ये ना कभी बुझी है और ना कभी बुझेगी।
"जब आँचल रात का लहराये और सारा आलम सो जाये तुम मुझसे मिलने शमा जलाकर
ताज़महल में आ जाना।"
विद्वानों के अनुसार “अमूमन एक लड़के के जीवन में चार से पांच बहुत नज़दीकी दोस्त होते हैं और एक लड़की के छः से सात. यह वह दोस्त होते हैं जिनके साथ आप अपना सब कुछ बांटते हैं. परन्तु जब आपकी जिंदगी में प्यार आता है तो आपकी अपने प्यार से नजदीकियां बढ़ने लगती हैं और आप ऐसी स्थिति में अपने साथी को छोड़ना नहीं चाहते. परन्तु अगर आप उस समय भी अपने दोस्तों से बहुत नज़दीक होते हैं तो आपके प्रिय या प्रियसी को उस समय यह डर लगने लगता है कि कहीं प्यार की राह में दोस्ती अड़ंगा ना पैदा कर दे. और ऐसी स्थिति में वही प्यार आपसे दोस्त और प्यार में से किसी एक को चुनने को कहता है. और तब बावरा मन ह्रदय की सुनकर प्यार को चुनता है।